शिवराज सरकार में योजनाएं तो किसानों की मदद के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन इसके क्रियान्वयन में भारी अनियमितता मौजूद होने से ये किसानों के गले की फांस साबित हो रही है। सरकारी योजनाएं किसानों पर आफत बनकर टूट रही हैं।
ताज़ा मामला मध्यप्रदेश के रायसेन का है। रायसेन में तेंदुनी नदी के ऊपर बना नहर किसानों के बीच सिंचाई का संकट दूर करने की उम्मीद लेकर आया था। लेकिन निर्माण कंपनी की लापरवाही ने किसानों को ही संकट में डाल दिया है। नहर के किनारे टूटने से धान की सैकड़ों एकड़ में उपजे फसल बर्बाद हो गए हैं। आलम यह है कि नहर टूटने से नदी के आगे का रास्ता ही बंद हो गया है। आगे के गांवों में पानी नहीं जाने से हज़ारों एकड़ में लगाये गए धान के फसल सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।
हिंद किसान की एक रिपोर्ट के अनुसार किसानों का आरोप है कि कंपनी काम में काफी लापरवाही बरत रही है। किसानों का कहना है कि उनसे बिना इजाज़त लिए ही कंपनी उनके खेतों की मिट्टी काट ले जाती है। किसानों ने नीचे से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों से इसकी शिकायत की, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
गौरतलब है कि नहर का निर्माण सार्थी कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है जिस पर पहले से ही बिना इजाज़त लिए किसानों के खेतों से मिट्टी काट लेने का मामल चल रहा है।
कंपनी के इंजीनियर बारिश को नाहर टूटने का कारण बता रहे हैं। वहीं प्रशासन बस आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ती नज़र आ रही है।