शिव ‘राज’: बीमारी की जांच करने वाली मशीन के आभाव में बीमार पड़े हैं सरकारी अस्पताल

shivraj singh chouhan

जब मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य विभाग खुद ही बीमारियों से जूझ रहा है तो सूबे में मरीजों की अच्छे इलाज की आशा कैसे की जा सकती है। सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, ऊपर से डॉक्टर से नर्सेस तक की हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य व्यवस्था एकदम से चरमरा गई है।

ज़िलों के सरकारी अस्पतालों का हाल तो और भी बुरा है। जांच के लिए लगी मशीनों का गणित फेल है, आलम ये है कि मरीजों की हालत कुछ और होती है और रिपोर्ट कुछ और देती है। रोगियों को गंभीर हालातों में भी जांच के लिए दूसरे जगह ले जाना पड़ता है।

ईनाडु इंडिया के एक रिपोर्ट के अनुसार उमरिया ज़िला में महीनों से डायलिसिससोनोग्राफी जैसी महत्वपूर्ण मशीनें बंद पड़ी हैं जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

मशीन नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरन इलाज के लिए बड़े शहरों की तरफ रुख करना पड़ता है। इसके अलावा अस्पताल में ओपीडी सहित आपातकालीन सेवाओं की भी हालत बिगड़ी हुई है।

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