सरकार ‘स्कूल चलो’ का नारा देकर बच्चों को बुनियादी सुविधाएं भी देना भूल गई है। यदि स्कूल जाने के लिए उफनती नदी को पार करना हो, तालाब बने सड़क से गुजरना हो तो आख़िर बच्चे स्कूल जाए भी तो कैसे? शिवराज सिंह के सरकार में ये नज़ारा आम हो गया है।
ताज़ा मामला नरसिंहपुर ज़िले के झिरीकला गांव का है। यहां सड़कों की हालत ऐसी है कि इसके चलते लड़कियों को अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है। सड़कों की बदहाली के चलते बच्चों के मां-बाप उन्हें स्कूल से नाम कटवाने का दबाव डालने लगे हैं।
हिंद किसान की एक रिपोर्ट के अनुसार इस गांव से स्कूल 12 किलोमीटर दूर है। लड़कियां साइकिल से ही स्कूल जाती हैं लेकिन सड़क की हालत खराब होने से वो कई बार गिर भी जाती हैं। इस कारण कई अभिभावकों ने अपनी बेटियों का स्कूल से नाम ही कटवा दिए।
कई बार प्रशासन से शिकायत करने के बाद जब समस्या का समाधान नहीं हो पाया तो गांव के लोग अपने बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के लिए पहुंच गए। ज़िला अधिकारी ने प्रदर्शन को देखते हुए सड़क बनवाने का तुरंत आश्वासन दे दिया।