ज़रूरत से ज़्यादा बिजली पैदा करने वाले राज्य के किसानों को यदि बिजली की समस्या से जूझना पड़े तो यह सरकार की किसान के प्रति उदासीनता को जगजाहिर करता है। रमन सरकार राज्य के खपत से ज़्यादा बिजली का उत्पादन करती है लेकिन प्रदेश के किसानों की हालत ये है कि उनकी फसल बिजली-पानी के अभाव में सूख रहे हैं।
गौरतलब है कि हिंद किसान की एक रिपोर्ट के अनुसार छतीसगढ़ के दुर्ग ज़िले के दर्जनों गांवों को बिजली नहीं मिल पा रही है। बारिश की कमी और बिजली में कटौती ने किसानों के कमर तोड़ दिए है।
इस बिजली कटौती का सबसे ज़्यादा असर छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा बनाने वाले धान किसानों पर पड़ा है। बारिश की कमी के बीच बिजली की भी सुविधा न होने से वो पम्पसेट से भी धान की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
ये समस्या दो-चार दिन की नहीं बल्कि कई सालों की है। क्षेत्रीय किसान कई बार इसको लेकर प्रशासन से शिकायतें भी कर चुके हैं पर अब तक इसका कोई हल नहीं निकल पाया है।