शिव’राज’ में योजनाओं का सच टपक रहा है। कभी अस्पताल की छत से पानी टपकने वाली तस्वीरें सामने आती है तो कभी स्कूल में टपकती छत के नीचे छाता लिए बच्चों की। सूबे की पूरी जनता छाते में दिख रही है मानों पिछले 15 सालों में भाजपा की सरकार ने छत और छतरी का अच्छा संबंध जोड़ लिया हो।
स्वर्णिम मध्यप्रदेश की वायरल तस्वीरों में एक नई तस्वीर सूबे के डिंडौरी ज़िले से आ रही है जहां स्कूल के क्लासरूम में बच्चे बारिश से बचने के लिए छाता लिए बैठने को मजबूर है।
एएनआइ की एक ट्वीट से यह मामला सामने आया है जिसमें सरकारी स्कूल के बच्चे स्कूल की टपकती छत और शौचालय की सुविधा नहीं होने पर ज़िला कार्यालय को राष्ट्रपति के नाम अपना ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे।
#MadhyaPradesh: Students of a Govt school in Dindori marched to the District Council & submitted a memorandum addressing President of India, stating,"During monsoon water drips from the roof in every room,there are no washrooms,&its been like this for many years, please help us." pic.twitter.com/UKNvTayGUj
— ANI (@ANI) July 27, 2018
इन बच्चों ने राष्ट्रपति के नाम अपने ज्ञापन में लिखा है कि बारिश के दिनों में स्कूल की छत से पानी टपकता है और इस हालात में भी उन्हें पढ़ाई करनी होती है। इसके अलावा यहां कई वर्षों से शौचालय ही नहीं है जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रदेश भर से आ रहीं इस प्रकार की तस्वीरें शिवराज सरकार के विकास का आईना दिखा रही है जहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी मयस्सर नहीं हैं।