बीजेपी के 15 साल: मध्य प्रदेश में अपने पैसे के लिए ही दर-दर भटक रहें किसान, महीनों से कर रहें इंतज़ार 

Criminal cases against farmers
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शिवराज सरकार में किसानों की हालत अब किसी से छिपी नहीं है। किसानों को अपने पैसे के लिए ही दर-दर भटकना पड़ रहा है। समस्याओं के समाधान नहीं होने पर जब किसान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की अनुमति मांग रहें हैं तो प्रशासन धरने की अनुमति देने से भी मना कर रहा है।

दरअसल, किसानों ने अपना फसल सरकार के खरीदी केंद्रों को बेचा है पर खरीदे गए फसल का अब तक भुगतान नहीं किया गया है।

ईनाडु की रिपोर्ट के अनुसार सूबे के भींड ज़िले में ही 229 किसानों के फसल का 4 करोड़ भुगतान सरकार ने अब तक नहीं किया गया है। परेशान किसानों ने प्रशासन से पैसा दिलाने की गुहार लगाई लेकिन इस पर कोई कार्रवाई न होता देख किसानों ने किसान संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन करने की अनुमति मांगी। लेकिन प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी।

किसान नेता संजीव बरूआ ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि प्रशासन जान-बूझकर किसानों की आवाज़ को दबाना चाहती है। जबकि प्रशासनिक अधिकारी खुद ही कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रर्दशन कर रहे हैं।

कई किसानों का आरोप है कि उनसे जबरन फसल बीमा योजना का प्रीमियम काटा जा रहा है और उसका पैसा भी नहीं दिया जा रहा है। मूंग की फसल को बढ़ावा देने के लिए सरकार मुफ्त में बीज और किटनाशक उपलब्ध करा रही है पर इसके बावजूद भी उन लोगों से पैसा वसूला जा रहा है।

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